॥ नवग्रह ॥
नवग्रह — नौ ग्रहों का परिचय
हर ग्रह का धार्मिक महत्व, मंत्र, उपासना विधि और प्रसिद्ध मंदिर — बिना किसी भय के, श्रद्धा और समझ के साथ।
रविवारSurya Dev
सूर्य देव
प्रत्यक्ष देवता — जिन्हें रोज़ देखा जा सकता है। वेद में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है। छठ, मकर संक्रांति और रथ सप्तमी इनके प्रमुख पर्व हैं। अर्घ्य (जल चढ़ाना) इनकी सबसे प्रचलित उपासना है।
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सोमवारChandra Dev
चन्द्र देव
शीतल प्रकाश के देवता — शिवजी के मस्तक पर विराजमान। पूर्णिमा और करवा चौथ की पूजा में चंद्र दर्शन का विधान। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग इनकी तपस्या से जुड़ा है।
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मंगलवारMangal Dev
मंगल देव
भूमि-पुत्र — साहस और रक्षा के देवता। हनुमान जी और कार्तिकेय की उपासना मंगल शांति से जुड़ी परंपरा है। मंगलवार हनुमान भक्ति का दिन है।
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बुधवारBudh Dev
बुध देव
चंद्र-पुत्र, बुद्धि के देवता। बुधवार को गणेश जी की पूजा की परंपरा — बुद्धि-विवेक के दाता दोनों माने जाते हैं। विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी इस दिन शुभ मानते हैं।
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गुरुवारGuru (Brihaspati) Dev
बृहस्पति देव
देवों के गुरु — ज्ञान, धर्म और नीति के देवता। गुरुवार को विष्णु जी और साईं उपासना की लोक-परंपरा। गुरु पूर्णिमा इनके सम्मान का पर्व है।
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शुक्रवारShukra Dev
शुक्र देव
दैत्यों के गुरु — मृत-संजीवनी विद्या के ज्ञाता। शुक्रवार माँ लक्ष्मी और संतोषी माँ की उपासना का दिन है — सुख-समृद्धि की कामना से।
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शनिवारShani Dev
शनि देव
सूर्य-पुत्र, कर्म-फल दाता और न्याय के देवता। शनिवार तेल अभिषेक और दीप-दान की परंपरा। शनि को भय का नहीं, न्याय और अनुशासन का देवता मानना ही सही दृष्टि है।
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शनिवार (राहु काल रोज़)Rahu Dev
राहु देव
छाया ग्रह — समुद्र मंथन की कथा में अमृत पान करते पकड़े गए स्वर्भानु का शीश भाग। ग्रहण की पौराणिक कथा इन्हीं से जुड़ी है। दुर्गा उपासना राहु शांति की लोक-परंपरा है।
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मंगलवार/रविवार (केतु काल)Ketu Dev
केतु देव
छाया ग्रह — स्वर्भानु का धड़ भाग। मोक्ष-कारक माने जाते हैं। गणेश उपासना केतु शांति की प्रमुख लोक-परंपरा है।
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